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شهرستان صحنه از شهرستانهای استان کرمانشاه در غرب ایران است. این شهرستان داری دو بخش مرکزی و دینور است. مرکز این شهرستان شهر صحنه است که در ۵۰ کیلومتری شهر کرمانشاه و در سمت استان همدان قرار گرفتهاست.

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: سه شنبه 29 / 5 ساعت: 17:31

روستای کپرگه دردهستان خدابنده لو قراردارد.که بایدازگردنه نمازگاه(مله نمازگا)عبورکنید.وبعدازگذاشتن روستاهای دهلق،کنگرشاه،به جاده خاکی میرسید که درابتدای آن روستای هالان قراردارد.بعدارعبور از روستای هالان به روستای بکتر،گل کبود،سماقستان وبعد به روستای کپرگه می رسید.

روستای کپرگه جای زیبایی دارد واکثرمردم شهربه آن جابرای تفریح و خوش گذرانی می آیند.از نظر جغرافیایی محل بسیار زیباکه اطراف آن رارشته کوه های زاگرس فراگرفته است.ودارای دره هایی سرسبز وبا درختان زیبا بلند ازجمله گردو،گیلاس،آلبالو،زردآلو،چنار،هلو،بادام،انجیر،شاه توت و.......فراوانی دارد.

درزمان قدیم که بیشترین جمعیت در آن بوده است مردم به دامداری و کشت زراع می پرداختند.حالامردم آنجا که تعدادنفرات کم هست به باغ داری روی آورده اند.

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: جمعه 25 / 5 ساعت: 18:5

ضربالمثلهای لکی گونهای از بیان لکی است که در غالب موارد تاریخچه و داستانی پندآموز در پس بعضی از آنها نهفته است. بسیاری از این داستانها از یاد مردمان لک رفته اند و پیشینهٔ برخی از امثال نیز بر بعضی از مردم روشن نیست؛ بااینحال، در سخن به کار میرود. در ادامه به برخی از ضرب المثل های لکی اشاره میشود.



*شاه بخشی سی شیخ علی خان نموخشی!
شاه بخشیده شیخ علی خان نمی بخشد! (منظور شیخ علی خان زنگنه حاکم کرمانشاه در دوره صفویان است که از قدرت مطلقه برخوردار بوده است)---------------------------------------------------------------------------- --------------
*شوان و نیشتن رین (رن ran) دو یره مکه و تنیا
چوپان با نشستن، گله اش از او فاصله میگیرد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*شراو مفت بو قاضی یه میرتی!
شراب اگر مفت باشد قاضی هم میخورد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*شمشیر و غلافه نمه چوتی!
شمشیرش داخل غلاف نمیرود !(کنایه ااز ادم ماجراجو است)---------------------------------------------------------------------------- --------------
*شمامه ارا دس کر خان خاصه!
دستنبو فقط برای دست پسر خان خوب است!---------------------------------------------------------------------------- --------------
*شاوال ارا سردی وگرمی نی یه!
شلوار پوشیدن برای جلوگیری از سرما و گرما نیست---------------------------------------------------------------------------- --------------
*شوان مینی و صومال ناراضی!
چوپان خسته و درمانده وصاحت گله هم ناراضی است---------------------------------------------------------------------------- --------------
*شاوار زمسان و سال نمه یو اوله و خیال و مال نمه یو!
شبهای طولانی زمستان سال نمیشود ابلهه با خیال ثروتمند نمی شود ---------------------------------------------------------------------------- --------------
*شکر ا خدا خوملی خوزه تو بین ارد دارو من و ارد دوزه!
خدا را شکر !توی معرفه بدکاره شده ای صاحب ارد و نان و به من تهمت ارد دزدیدن میزنی!---------------------------------------------------------------------------- --------------
*شاوار دریژ و قلندر بیدار
شبها طولانی است و قلندر بیدار میماند---------------------------------------------------------------------------- --------------
*شمشیر کر خاص و غلافا نموسی
پسر خوب شمشیرش توی غلاف نماند
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*شیتکه ای ویژ شیدا بی لف یژ ارای پیاد بی
دیوانه از خود دیوانه بازی در می اورد همدست دیوانه ای هم برایش پیدا شد
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*شتر وت کوم خاص کیته تا ملم خاص بکووی!
شتر گفت کجای من مناسب و خوب خلق شده تا گردنم خوب خلق شده باشد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*شل و کور او زید شیو مردی او باوان
دختران چلاق و کور در زادگاهشان میمانند شوهر مرده به خانه پدریش باز میگردد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*شنت به من تاشن بکم
چهار شاخه ات را به من بده تا خرمنم را باد بدهم(تو بیکار بنشین)---------------------------------------------------------------------------- -------------- *شاوار شومیه
روزگار تیر و تاری است که به پایان نمیرسد
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(ص)
*صد تومانم دام کرم یه ی شوو و کویا نیسی وختی هوت دی بیلا بیسی
صد تومان را به این خاطر میدادم پسرم یک شب تو کوه نخوابد حال که یک شب خوابید بگذار شبهای دیگر هم بخوابد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*صد بم بوله مکووی تا چی گیر بایتی
صد مکر و حیله به کار میبندد تا چیزی گیرش بیاد
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*صلان دا سگ سگ کیشای را کولین!
اجازه را به سگ دادند سگ تا ته خانه دوید---------------------------------------------------------------------------- --------------
*صد گل مرور و صیقه سر یه گل گنم اوه میری
صد دانه گیاه هرز به صدقه سر یک دانه گیاه گندم ابیاری میشود
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*صد چه خو چه خو بسازی یکانی دسه نیری!
صد جاقو بسازد یک دانه اش دسته ندارد!
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*صوفی صحنه و دز کنگاور
صوفی های صحنه و دزدان کنگاور
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(ظ)
*ظلم هرچه فره تر بو زوی تر ای بین مه چو!
ظلم هر چه بیشتر باشدئ زودتر از بین میرود!---------------------------------------------------------------------------- --------------*ظلم پایه نیری!
ظلم پایدار نمی ماند
---------------------------------------------------------------------------- --------------*ضرد و هر جای نوا بگرینی نفه
ضرر هر کجا جلوش را بگیری سود است
---------------------------------------------------------------------------- --------------
(ع)
*عذر روی سفیدا نمکی
عذر و بهانه رو سفیدی نمی اورد
---------------------------------------------------------------------------- --------------
(غ)
*غلا و غلا موشی رویت سی!
کلاغ به کلاغ میگوید رویت سیاه است!---------------------------------------------------------------------------- --------------
*غلاهات ری کردن ژرژ یاد بگیری ری کردن وژیژای ویر چیتی!
کلاغ خواست راه رفتن کبک را بیاموزد راه رفتن خودش را هم فراموش کرد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*غیره قلایه و جیکه ملوچک!
قار قار کلاغ است و جیک جیک گنجشک ها
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(ف)
فکر نان بکه خربزه اوه!
فکر نان کن خربزه اب است
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(ق)
*قوم اگر گوشتت بیری سوخانت نمشکنی!
فامیل اگر گوشتت را هم بخورد استخوانت را نمیشکند---------------------------------------------------------------------------- --------------
*قومی قوله یه نمه لری!
خویشاوندی مانند قبله است جایش عوض نمیشود---------------------------------------------------------------------------- --------------
*قصه ای نام سی و دو دنان بایره سی دو نفر مشتوتی!
حرفی که از میان سی و دو دندان در اید سی و دو نفر ان را خواهد شنید---------------------------------------------------------------------------- --------------
*قضا ناین بلا ناین هر وخت هاتین خوش هاتین!
در مواقع قضا و بلا نیایی هر زمان دیگری میایی خوش امدی!---------------------------------------------------------------------------- --------------
*قورواغ موشی ار دنگه مارموره ولات دنگمه مشتون ار دنگه اور نمارم پر مامور!
قورباغه میگوید اگر صدایم را بلند میکنم همه میشنوند اگر سکوت میکنم خفه میشوم
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(ک)
*کاری بکن ارا ثواو نه سخی به سزی نه کاواو
کاری بکن ثواب داشته باتشد نه سیخ بسوزد نه کباب
---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کار بد انمه شارری
کار بد پنهان نمی ماند---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کاکشکای دو. بو داگله برتی تا مالل نگیردی!
کاش دوغ باشد گل بانو بخورد تا خانه های دیگران را نگردد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کاولی بو سیور کر وژ بوتی!
کولی باشد و عروسی پسر خودش باشد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کار باید بینه دس کاردانا
کا را باید به دست کار دان سپرد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کچکی نادان بایژتی چاه هزار دانا ایر نمارتی
سنگی را که نادان به چاه میاندازد هزار دانا نمی تواند ان را از چاه در بیارد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کس نمیاری و گرد بوشتی ری مالت هارکو
کسی جرات نمیکند ازش بپرسد راه خانه ات از کدام طرف است ---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کور کوره پی شری بازه مکی
قوش(جغد)از باز پیروی میکند ---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کوسه ضرد او صاویه
کوسه به صاحب خودش هم ضرر میرساند---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کش کش کش کش پوپه رشه ممان یه شو دو شو خوشه
کیش کیش مرغ تاج سیاه ماندن مهمان یکی دو شب بیشتر مناسبت ندارد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کچل خاصه یا مفو تف ارای بو هفت اراو
کچل خوب است یا کسی که دائم دماغش پایین می اید یک تف به این هفت تف به ان یکی---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کری کتی دتی هتی پیای نانی ژنی هرچی میری بری
پسر نصفی نان دختر یک ربع مرد یک قرص نان و زن هرچقدر دلش میخواهد باید نان بخورد
---------------------------------------------------------------------------- --------------*کی ای اوه تنگ تر یه که ارد مالیر نیه ی
چه کسی نگران تر از فردی است که ارد در خانه ندارد
*کری میتی هر اسکه نام بنی تی وریسکه
پسری میخواهد فوری و هی و حاضر که اسمش را هم بگذارد اتیش پاره (کنایه از ادم عجول و بی خرد)---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کس و دو وژ نموشی ترشه
کسی به دوغ خودش نمی گوید ترش است---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کر خاص مال ارا چه سی!
پسر خوب ثروت را میخواهد چه کند---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کور وت هر خوشم او رنگه مایتی!
کور گفت فقط خوشم از رنگش می اید---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کیوانو سیره تپ تاوا دیره پیر زن خودش سیر است عجله ای برای نان پختن ندارد
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*کوسه کوسه و سر ادم ماری
هزارو یک جور حیله و نیرنگ بر سر ادم در می اورد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کشکله شیراز مه خونی کرکر یه مه خونی
اواز(کشکله شیراز)میخواند(منظور از ادم سر مست و لا ابالی)
---------------------------------------------------------------------------- --------------*کاسمسا کس سیر نمه کی مح بت گرمه مه کی
خدمت به همسایه (دادن خورد وخوراک به او) کسی را سیرنمی کند محبت طرفین را گرم نگه میدارد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کله ی هاته اورا وت وی ای وی بدتری ناو
سر بی تنی را اب با خود میبرد سر با خود زمزمه میرد بد از بدتر نشود---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کس خوش نمایتی سگ درانیژ بد بوتی
هیچ کس دوست ندارد حتی سگ در خانه اش بد باشد ---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کلاوت بنوبان تر
کلاهت را بگذار بالا تر (کنایه از کسی که در برابر کار زشت خود و کسان خود ابائی ندارد)---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کور ای خدا چه میتی !؟دو چیم ازا!
کور ازب خدا چه میخواهد ؟دو چشم سالم---------------------------------------------------------------------------- --------------
کره ای مال بز ماتی ایگل کل کتی ار کوی*
پسر را اول در خانه امتحانش کن سپس او را روانه کوهستان بکن---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کلووه ارا کوچکه ماوی گری موشی تره ماو؟!
کلوخ برای سنگ گریه میکرد و میگفت خیس میشود---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کیت ای وژ نوی کیه دانت خوا وژ بی
کاه مال خودت نبود کاهدان که مال خودت بود(کنایه از ادمی که در خانه دیگران غذای زیادی بخورد و شکمش درد بگیرد)
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(گ)
*گاوان ای گاوانی عار نمایتی ای نان اچین عاره مایتی!
گاوبان از گاو چراندن عار ندارد از جمع اوری نانی که صاحبان گاو به جای مزد به او میدهند عار دارد (در زمان
های گذشته گاوبانها بشکل نان روزمزدی کار میکردند یعنی در ازا مزد از صاحبان گاوها چند قرص نان میگرفتند) ---------------------------------------------------------------------------- --------------
*گا نام گالیر نویتی هر دک پا ویر بردیتیاصلا و ابدا کاو نداشت ولی انقدر پی کاوها کشته بود که پاهایش یخ زده بود---------------------------------------------------------------------------- --------------
*کاوان وت اراای یه ی کله مه نیه هیوایه اوالیژ دم بل دم بلانه
گاوبان گفت ناراحتی ام برای یک دانه گوساله نیست که فرار کرد و رفت نگرانیم برای بقیه گاوهاست که دمهایشان را علم کرده اند و همگی خیال فرار به سرشان زده است---------------------------------------------------------------------------- --------------
*گرگی مرده ی کاور لری و پوزا میا
گرگی مرده بود بره مردنی با جنازه اش بازی میکرد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*گرگ چزانی قیمت قاطر گرانه؟!
برای گرگ چه اهمیتی دارد که قاطر حیوان گران قیمتی است
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*گداوگدا رحمته خدا
گدا به گدا کمک میکند این هم از برکات خداوندی است
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*گدا چه گدا چیو تل برزا و پی ماواچان تفریت گدا
گدا چگونه گدایی است مانند شاخ شمشاد ولی همه میگویند تف بر تو گدا---------------------------------------------------------------------------- --------------
*گور او گامکی دت او دامکی
گوساله شبیه ماده گاو است دختر مثل مادر خودش است---------------------------------------------------------------------------- --------------
*گوشت هوی هاوردی تیر کار ارن نمکی تی!
کسانی که گوشت خوک میخورند گلوله هم بر انها کارگر نیست(کنایه از ادم کثیف که هیچ چیز بر او کارگر نیست)---------------------------------------------------------------------------- --------------
*گرگه گرتان پت و گوشان بری وت ولم کن گله رت!
گرگ را گرفتند به خاطر دزدی از گله بینی و گوشهایش را بریدند گفت رهایم کنید والا گله از دستم میرود---------------------------------------------------------------------------- --------------
*گا مردم گارام مردم اگر نرینم نامردم
گاو از دیگران گاوران هم از ان دیگران اگر نرانم نامردم---------------------------------------------------------------------------- --------------
*گیس می اربان لش بورینی
گیسوان را باید بر روی جنازه برید(کنایه از این است که در صورتی که کار را به موقعش انجام ندهی دیگر قادر به انجام ان نخواهی بود)---------------------------------------------------------------------------- --------------
*گور مردم بیوی تری وژت بنیش بوی گری
گوساله مردم را ببندد به طناب به جای گوساله خودت و برای گوساله خودت که رها مانده بنشین گریه کن---------------------------------------------------------------------------- --------------
*گور مردم کور او ساره موری
گوساله ای که مال خودت نیست بالاخره طنابش را خواهد برید و نزد صاحبش خواهد رفت(کنایه از رنج و زحمت کشیدن برای نگه داشتن فرد یا افرادی که میل به جای دیگری دارند)---------------------------------------------------------------------------- --------------
*گمه به در مکی؟!
شکمم را پاره کن میکند(کنایه از بی ابروگری کردن برای بدست اوردن چیزی)---------------------------------------------------------------------------- --------------
*گور و ناخن و شا نما و!
قبر با چنگ و ناخن گشادتر نمیشود
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(ل)
*لم ورسی خوین ناحقه مکی!
شکم گرسنه به ناحق ادم میکشد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*لمی ارد گنم اور نمه گری!
شکمش که سیر بشود هار میشود ---------------------------------------------------------------------------- --------------
*لر وژت نکش؟
بدن لاغر و مردنی خودت را چوب نکن(کنایه از دلسوزی و لجاجت هایی بی مورد که موجب ازار روحی و روانی شخص بشود)---------------------------------------------------------------------------- --------------
*لمت بسا لم مینه ره تا سیر بوین!
شکم گرسنه ات را به شکم من بمال تا سیر بشوی
*لنگ کوشتی و دیوانتر داشتو کم نیه---------------------------------------------------------------------------- --------------
لنگه کفشی در دیوان داشته باشی کم نیست(کنایه از ذاشتن حتی ادمهایی جزیی در ادارات است که قادر به کار چاق کنی پارتی های خوبی هستند)---------------------------------------------------------------------------- --------------
*لم وژ وکیردا می
شکم خودش را به لبه کارد دیگران میدهد!
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(م)
*مار خوش او پیونه نماهاتی پیونه ار در کنا مار سوزه مویا
مار از پونه خوشش نمی امد پونه در لانه مار سبز میشد
*مال حرام اورم نیری
مالی که از حرام بدست امده باشد برکت ندارد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*ماس خو نیه و دور دمتا بو؟!
ماست که دور دهانت مانده باشد؟!(کنایه از چیزی که اتفاق افتاده باشد و طرف امتناع میکند)---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مال مفت دنان نمشکنی
مال مفت دندان نمیشکند---------------------------------------------------------------------------- --------------
*منی مال صوو مرده ی مکی
دنبال مال صاحب مرده میگردد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مال یا دارا غرضه یا مرض
ثروت و دارایی یا برای دشمنی ورزیدن است و یا برای علاج درد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*میمان خوش او میمان نماهاتی صوو مال او هردک
مهمان از مهمان خوشش نمی امد صاحب خانه از هر دو تا---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مرهه مال ها مسا مر شو بکینی مل
گردن بندی که از ان همسایه باشد میتوان ان را شب به گردن اویخت---------------------------------------------------------------------------- --------------
*موشین مره مار دری
انگار مهره مار با خود دارد(کنایه از کسی که هرچه از هرکس بخواهد در اختیارش بگذارد)---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مال هامسا و کاسمسا
خوب همسایه بودن بسته به براوردن نیازهای یکدیگر است---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مردا کراس کاو بر یایه
مگر دختر پیراهن ابی کم است---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مه و تم کاکه ملیوچکمی ارن بگیرن
بتو میگویم پدر که گنجشکی برایم بگیری---------------------------------------------------------------------------- --------------
*من پولا و تو پولا جامان نما ژیر یه ی کوکا
من پولاد تو پولاد زیر یک سقف نمیتوانیم با هم باشیم---------------------------------------------------------------------------- --------------
*من ای بیسکی تو ای بد نوسی
من بخاطر نیسکی و غربت و تو برای هوسرانی---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مر گلو گلو دره
مگر هر که برای خودش است---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مردم بر قافه مگری ایمه چراغ مویشی
مردم را برق میگیرد ما را چراغ نفتی---------------------------------------------------------------------------- --------------
*موی ای ماسه ماریره
مو را از ماست جدا میکند---------------------------------------------------------------------------- --------------
*موی ای دماخ ایمه مکنه دیشتی ره
مو از دماغ ادم بیرون میکشد(کنایه از ازار و شکنجه)---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مریه ی پا دری
مرغ یک پا دارد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مه ارا تومه تو ارا کیته
من به خاطر تو است تو به خاطر چه کسی است---------------------------------------------------------------------------- --------------
*ممینیه جوجیک دما لان
شبیه جوجه ای که بعد از همه از تخم درامده است---------------------------------------------------------------------------- --------------
منگا هیول دوت بوری ای دو مالتیژ کردما*
ماده گاو قهوه ای دوغت ببرد از دوغی که همسایه ها بهم میدادند هم بازم کردی---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مرده ی چه وه قورسان بو چه وه لا میردان
مرده چه در قبرستان باشد چه توی خانه---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مه لل گشت گوشت حورن هر نام گرگ بد نامه
پرندگان همه گوشت خوارند فقط اسم گرگ بد در رفته است---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مل گوشت حور دنیوک چفته سی
پرنده ای که گوشتخوار باشد منقارش کج است---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مرده ی بش زنی حوره
مرده سهم زنده خور است---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مال بی کینو زر زیولش می نو تاژیر زینو
خانه بدون زن ات و اشغالش تا بالای زانو میرسد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مالی که اش بکی ای ایواره رادیاره
خانه ای که کار پخت ویز داشته باشد از دم عصری معلوم میشود---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مال وژت قایم که مال هامساته دوز نکه
اموال خودت را خوب نگه داری کن و وافترا دزدی به همسایه هایت نزن---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مال گن ریش صوو وژ
مال بد بیخ ریش صاحبش ---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مال حه یر بواوسا قلی برتی
مال حیدر باشد و استاد قلی انرا بخورد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مرمه ها مو لا گرگه
میشود من جانب گرگ را داشته باشم---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مه مینه گرزه سر خزینه
میماند موشی که رو خزانه خوابیده باشد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مر تو کوری نین چیمه لت زایه من و ازووی تونم زمایه
مگر تو نابینا نیستی که حال اب از چشم هایت مدام سرازیر است من تو را زمانی
که چشم داشتی ازموده ام---------------------------------------------------------------------------- --------------
*می دلاکی ای سر کچل یاد بگری
میخواهد دلاکی را از سر کچل یاد بگیرد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مزانی اوهار چه کرتی
میداند اب در کدام جویبار جاری است---------------------------------------------------------------------------- --------------
*مردی و ناموس نه زنئی و نام ننگ
مرده با ناموس بهتر از زنده ای که نامش به ننگ الوده است
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.(ن)
*نان بینیه سگ نه و سفله
نان را به سگ بدهی نه به ناکس---------------------------------------------------------------------------- --------------
*نان ای دم شیر مه سینی
نان را از دهان شیر میگیرد
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*ناخن نیری وژ بکلاشی
ناخن ندارد خودش را بخواراند(کنایه از ادم خسیس و طمع کار است)---------------------------------------------------------------------------- --------------
*نان و گرد کوربیر خدا بکه ماوین
غذا با نابینا بخور خدا را در نظر داشته باش---------------------------------------------------------------------------- --------------
*نان نوی بیری پیاژ ه مه هواردی تا اشتها بو تیا
نان در خانه نداشت بخورد پیاز میخورد تا اشتهایش زیاد بشود---------------------------------------------------------------------------- --------------
*نان دهنده گم نمو
لقمه ای نان به هر کس بدهی گم نمیشود---------------------------------------------------------------------------- --------------
*نان ونرخ روژه میری
نان به نرخ روز میخورد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*نانت جیو بو خلکت گنم
نانت جوین باشد اخلاقت خوب باشد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*ناز هی ناز کیشتی بیا شتیا
این ناز را ناز کشی می باید
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*ندار ار کراس نووی بکی ور موشن هن کیه؟
ادم گدا اگر پیراهنی نو بپوشد دیگران میگویند مال چه کسی است؟---------------------------------------------------------------------------- --------------
*نه شیرم به کی کاسه نه کاسه م بشکن
نه شیر را داخل کاسه ام بریز و نه کاسه ام را بشکن---------------------------------------------------------------------------- --------------
*نه کرده کاری که مکی کاری تا بکی کاری میو سالی
کسی که در کاری تجربه ندارد کی میتواندان کار را انجام بدهد تا انجامش بدهد یکسالی طول میکشد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*نوس بگرینی مشتیکه ول کینی دیشتیکه
نفس را اگر مهار کنی پر مشتی است اما اگر رهایش کنی پر دشتی است---------------------------------------------------------------------------- --------------
*نه هی ار شاول قه سوم به هی ار اصل و نه سوم
نگاه نکن به شلوار قیمتی که پوشیده ام بنگر که اصل ونسبم کیست---------------------------------------------------------------------------- --------------
*نان مال حرامه سی
نانی که در خانه دارد حرام است---------------------------------------------------------------------------- --------------
*نه راز ای دوست نه درد ای حکیم
راز را به دوست باید گفت و درد را به حکیم
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*وچه ترا بلاونم
به خاطر چه چیزت مدح و ینایت را بگویم---------------------------------------------------------------------------- --------------
*وتانه کیسل ارا کومه چین . وت و چین و ماچین . وتان وای پرپیتا دیاره مه چین و ماینا
لاک پشت را گفتند به کجا میرو ی؟ جواب داد میروم چین گفتند بله معلوم است
با این پاهایی که تو داری و اینطور که تو سرعت میروی حتما میروی و بر میگردی---------------------------------------------------------------------------- --------------
*وت مینی نوین وت گاینه مه که نما
گفت مانده نباشی گفت دارم گاو دانه درو میکنم---------------------------------------------------------------------------- --------------
*وتان خر کو سیره وت چه سیور بو چه چمر من او کیشیکم
الاغ را گفتند عروسی است گفت چه عروسی باشد چه عزا ابش را به گردن من میکشند---------------------------------------------------------------------------- --------------
*وت نیر که وت بوشتی
گفت نر است گفت بدوشش---------------------------------------------------------------------------- --------------
*ویه ی چمچمه او کتیسو مه له
با یک قاشق اب شنا میکند---------------------------------------------------------------------------- --------------
*ومال وزیره ترخینه منی او دار و مال مرد میره رشته موری
تو خانه خودش (ترخینه) نوعی غذای کم ارزش که با گندم پخته وبا دوغ درست
شده است درست می کند و به خانه دیگران که میرود رشته میبرد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*واحال خوینی شوو بایته مله را
انتقام قتلی که یک شب از ان بگذرد گرفته نمیشود---------------------------------------------------------------------------- --------------
*و روژه روژه سالم هات او سر شاوالم دریا قلم کتو در
با اامروز و فردا کردن سال به سر امد و شلوارم پاره شد و تنم
بیرون افتاد(از زبان چوپانی گفته شده است که مالک او باید لباس
وی را نیز تهیه نماید ولی با امروز و فردا کردن مدت شرط چوپان
تمام میشود و خبری هم از تهیه لباس نیست)---------------------------------------------------------------------------- --------------
*وقتی اگر ای ویشه بچو تر و هشک مه سزی
زمانی که اتش در بیشه بیافتد تر و خشک را با هم میسوزاند
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*و نام هفت اسمان یه ی هساره نیری
تو هفت اسمان یک ستاره ندارد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*و بین ترا موینی وبن ترا مر
تو را ازموده وسنگین وسبک کرده است که حرف زور میزند---------------------------------------------------------------------------- --------------
*وت مالت اوا بو مال ای من اوافر مال تو اوا رنج مه بیور
گفت خانه ات اباد بشود که ابدانی خان ات از من است خانه تو اباد شد و رنج من به هدر رفت---------------------------------------------------------------------------- --------------
*وت خرس خای کردی وت هرچه ای ه حیا مرده ی بوشین عمله مای
گفت خرس تخمی گذاشته گفت از ان بی شرم هرچی بگویی بر میاید---------------------------------------------------------------------------- --------------
*وا ای هرلای کیریه بای شن مه کی
باد از هر هر سو بوزد خرمنش را به باد میدهد
توضیح = دزدی به خانه کسی میرود برای دزدی چون چیزی در خانه یافت نمیشوددست خالی
باز میگردد هنوز از خانه خارج نشده که به بی خیالی بادی رها میکند صاحبخانه که حضور دارد
میزند زیر خنده که دزد رو به صاحبخانه کرده ومصرع اول را برای او میسراید و صاحبخانه
مصرع دوم رادر جواب دزد میگوید که حالا به صورت ضرب المثل در امده است---------------------------------------------------------------------------- --------------
*وخت داواران می می باوران وخت چز بری می می بمری
زمانهایی که کار دارند به یاد خاله و عمه می افتند و از انها دعوت میکنند که به خانه اش
بروند اما در مواقعی که حیوانی سر بریده اند و دود کبابشان بلند است میگویند سر به
تن عمه و خاله نباشد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*وشکار موشی بیهوا و تانجی موشی بگرتی
به شکار میگوید فرار کن به سگ تازی میگوید ان را بگیر---------------------------------------------------------------------------- --------------
*وتان دار چات قور قارته وت د ور ای وژمه
به درخت گفتند از چه مینالی گفت دم تبر از جنس خودم است
---------------------------------------------------------------------------- -------------- *واران ومل سر کچل را ماواری
باران رو سر ادم کچل میبارد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*ودس وژم اگرم نیار قژ وژم
با دست خودم اتش به موهای سر خودم زدم---------------------------------------------------------------------------- --------------
*وتان کچل سیوره وت و من چه وتان سیوره تو وت و تو چه
به کچل گفتند عروسی است گفت به من چه مربوط است گفتند عروسی برای توست گفت به تو چه مربوط است
*واده سر خرمانه مینوعده سر خرمن میدهند---------------------------------------------------------------------------- --------------
*وت شیر علی شیرت حورا وت نه منه مه چمه ویشه نه شیر ما ارا مال
گفتند شیر علی شیر تورا بخوردگفت نه من به بیشه میروم و نه شیری میاید به خانه که مرا بخورد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*وت باوه تی داشت ای ورسنی مرد وت داشتی ونه هواردی وت نه وت ارا طعینه مینی
گفت پدر تو از گرسنگی مرد گفت داشت و نخورد گفت نه گفت پس چرا طعنه میزنی---------------------------------------------------------------------------- --------------
*واران واری شقه ل ها تنویک
باران بارید ترکهای زمین به هم امدند(کنایه از کسی که به دلیل بروز اتفاقی به رنگ دیگری در می اید)
---------------------------------------------------------------------------- --------------
(ه)
*هات و نیا نا مای ناهت و اشکار
امد پنهانی سر میرسد و نیامد اشکار---------------------------------------------------------------------------- --------------
*هات ریش باریرر سولیژ نیای ار بان
امده بود ریشش را از گرو در بیاورد سبیلش را هم گرو گذاشت---------------------------------------------------------------------------- --------------
*هالو مال جیا وی تر اچیا
تو که با ما همسایه وهم زیست نیستی هرچه فریاد داری بر سر ان تپه ای بکش که خانه ات همانجاست---------------------------------------------------------------------------- --------------
*هر تو نوینه دی ایل ار گرمه سیر نمه چو
ایا اگر تو نباشی ایل و طوایف از کوچیدن به گرمسیر باز می مانند
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*هردم بریای اخوری میتی
هردم بردیده ای اخور مخصوص خودش را میخواهد تا در ان بچرد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*هر کی خربزه بیری بایت و پای لرزیش بنشینی
هرکس خربزه میخورد پای لرزش هم باید بنشیند---------------------------------------------------------------------------- --------------
*هیری او صاو نکی دزدیه تیه
هر موجودی به صاحب خانه اش نبرده باشد سرقتی است---------------------------------------------------------------------------- --------------
*هرکی بیول و مل کولیه ره وژرا می
هرکسی روی نان خودش اتش میریزد که نان خودش خوب پخته شود---------------------------------------------------------------------------- --------------
*هرچی ها ای دیزیه ره می و ای چمچمه بایره
هرچه داخل این دیگ هست باید با این ملاقه بیرون بیاید---------------------------------------------------------------------------- --------------
*هر بوینه اگر دور وژت بیشتر نمه سزین
اتش هم اگر بشوی بیشتر از اطراف خودت را نمیتوانی بسوزانی---------------------------------------------------------------------------- --------------
*هر کله کی شرع بریتی خوین نیری
هر انگشتی را که ببردش خونبها (دیه) ندارد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*هرچه مانی دیا دو کتمان
هرچه پیدا کردیم دو قسمتش میکنیم (کنایه از کسی است که به دنبال خیر میرود ولی خودش نمیداند شر گریبانش را میگیرد)---------------------------------------------------------------------------- --------------
*هر کیه بوزای بیوه منال دار گنم بکی او دول کچک بایه هوار
هرکسی بیوه بچه دار به زنی بگیرد گندم که داخل اسیاب کند به جای ارد سنگ تحویل میگیرد---------------------------------------------------------------------------- --------------
*هامساخاص ای برا بیتره
همسایه خوب بهتر از برادر است---------------------------------------------------------------------------- --------------
*هرباری هوله هین خرشله
هرباری که کج است از ان خر لنگ است
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*هر ارزانی ممری دری هر گرانی ثمری دری
هر چیز ارزان قیمتی عیبی دارد و هر چیز گران قیمتی فایده ای است
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*هر کی ای باوه مردی بیششتر بوی گری خوین او ای چیمه مایتی
هرکس از خود پدر مرده بیشتر بگرید خونابه از چشمش جاری میشود
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*هر کی هه سیور مادره بگیر جفتی گادری
هر کسی مادر زن دارد انگار زوج گاو دارد (کنایه از چیز با ارزش)
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*هر کی شیت بو مورنی ارا مال سید شیت بو بورینه ارا مال کی
هرکسی دیوانه بشود او را برای معالجه (از طریق دعا ) به خانه سید میبرند اگر سید خودش دیوانه بشود اورا باید به خانه چه کسی برد
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*هر شری ماساوای تری
در هر شهر نوعی اش مخصوص ان پخته میشود
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*هرچی مانی دیا شریکیم
هر چه پیدا کردیم با هم شریک هستیم
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*هر دم بیله و هر کی کی
هر کی هر چه از دهانش بیاید
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*هفت برا ویه ی کلاو
هفت تا برادر هستند که یک کلاه دارند
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*هم خدا می تی هم خرما
هم خدا را میخواهد هم خرما را
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*هی مال رفته م هی عذر کفته م
هم املم از دستم رفت و هم باید برای از دست دادنش عذر خواهی کنم
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*هر کیه و امید مال هامسا بنیشی سر شام مه نیا
هرکس به امید همساسه نشست شب بی شام میماند
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(ی)
* یه زنگ کی بایژتی مل پشیاین زنگ کی آنرا به گردن گربه می اندازد؟
---------------------------------------------------------------------------- --------------
* یه بازی خرس وگوسالهاین بازی خرس وگوساله است ( خرس بازی کنان گوساله را می خورد)
---------------------------------------------------------------------------- --------------* یه ی گله موشی ووجاخ کورم یه ی جاره موشی وگیان چل کرمیکبار به اجاق کوری خودش قسم میخورد یکبار دیگر به جان چهل پسرش سوگند یاد می کند
---------------------------------------------------------------------------- --------------* یه خاصه کاکه الیاسهبگذارید کاکه الیاس درستش کند(که اونهم کاررا بدتر خراب می کند)
---------------------------------------------------------------------------- --------------* یه ی چیمه مه خنتی یه ی چیمه موتی گرییکی از چشمهایش می گرید چشم دیگرش در حال خندیدن است
---------------------------------------------------------------------------- --------------*یتیم سیرکی بن تر درانهیتیم را سیرش کن بگذارش در خانه ات (فقط به فکر گرسنگی خودش است جایگاه برایش مهم نیست)
---------------------------------------------------------------------------- --------------*یتیم ارا کله ره مویای گری اویژه داشتی سگ بردیتیم برای قرص نانی گریه می کرد که آن را هم سگ برد
---------------------------------------------------------------------------- --------------
* یه کی آگر ای مال چیوتی یک چپی زرده ومله را مگردخانه کسی در آتش می سوخت یک نفر داشت گندم خودش را با آتش افروخته از خانه او می پخت
---------------------------------------------------------------------------- --------------* یه آوه ویژنگه را کردنهاین کار آب غربال کردن است
---------------------------------------------------------------------------- --------------
* یکی هس مه مری ای کیس طایفه مه چو یکی هس یمه ری ای کیس وژه مه چوبعضی از افراد اگر بمیرند یک طایفه عزادار می شوند وبعضی دیگر فقط خانواده اش عزادار می شوند
---------------------------------------------------------------------------- --------------* یه بازیه اقرآن داینهاین کار قرآن را به بازی گرفتن است

ضرب المثل های لکی برگفته از کتاب:بومیان دره مهرگان تالیف رستم خان رحیمی عثمانوندی

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: جمعه 18 / 5 ساعت: 12:1

محوطه های باستانی سرخ دم لکی و سرخ دم لری به ترتیب در 6 کیلومتری شمال غربی و 10 کیلومتری جنوب شرقی کوهدشت در منطقه لکستان واقعند. نامگذاری این دو محوطه باستانی بنام لکی و لری بدلیل مجاورت آنان با دو روستای لک نشین سرخ دم و لرنشین خوشناموند است.


محوطه سرخ دم لکی در جلگه کوهدشت واقع در منطقه لکستان و به فاصله حدود ۶ کیلومتری شمال غربی شهرستان کوهدشت و درست در مقابل محوطه سرخ دم لری واقع شدهاست و نام خود رابه واسطه دهکدهای کوچک در دامنه خود دارد. مجموعه محوطه به شکل تراس بندیهایی طبیعی است که با دستکاری بشر به شکل سازه پلکانی عظیمی در آمدهاست در سمت شمال غربی این مجموعه تراسها و سازههای معماری به فاصله ۳۰۰ متر از محوطه مرکزی، آثاری از یک حصار یا دیوار بزرگ سنگی فرو ریخته دیده میشود که راس ان تا قله کوه چنگری امتداد یافته.

محوطه سرخ دم لری نیز بر سینه کوهی در کنار دهکدهای به این نام در حدود ۱۰ کیلومتری جنوب شرقی کوهدشت لکستان واقع شده است. در این محوطه گذشته ازیک پرستشگاه، سازههایی اطراقگاهی نیز کشف شده است.

پرستشگاه سرخ دم لری در لایه دوم محوطه پیدا شده و سازهای احتمالا دو طبقه بوده که طبقه اول از سنگ لاشههایی نا متساوی با ارتفاع زیاد و شامل دیوارهای اصلی و فرعی بوده است. بقایایی از خشت پخته و خام نیز دیده شده که احتمالا برای ساخت طبقه دوم بوده است. نقشه کلی این بنا اطاقی مرکزی بوده که در آن سازهای شبیه یک آتشدان چلیپایی شکل از خشت ساخته شدهاست. این شکل چلیپایی در نقشه پرستشگاههای یافت شده در نوشیجان میتوان بازیافت. اطاق مرکزی را چندین اطاق مستطیل و مربع شکل در میان گرفتهاست. گذشته از آن، این سازه نیز چون سازههای سرخ دم لکی از لاشه سنگهای نا متساوی ساخته شده.وجود تخته سنگهای مسطح و بزرگ در برخی ازورودیها، وجود سنگهای منظم با چیدمانی شبیه آجر چینی در ورودی برخی از اطاقها و افزودههایی شبیه پشتبند در کنار برخی از دیوارهای اصلی از آن جملهاست.

(تصویر بالا از امین آزادبخت)

برای کسب اطلاعات بیشتر(عکس) از سرخ دم لکی و سرخ دم لری سری به ستون سمت چپ یادگاری های لکستان بزنید.

توضیحات بیشتر:

سوردم (سرخدم) لری در ۶ کیلومتری شرق شهرستان کوهدشت در دامنهی کوهی به همین نام واقع شدهاست. در دامنهی این کوه روستایی وجود دارد. ساکنان این روستا از طایفهی خوشناموند هستند و به گویش لری تکلم میکنند.

واژهی سوردم برای باستانشناسان جهان، نامی است آشنا و اشیای به دست آمده از آنجا زینتبخش موزههای بسیاری از کشورهاست. این منطقه را از آن جهت سرخدم نام نهادهاند که خاکش سرخ میباشد. سور در لکی به معنی سرخ است.

روبهروی سرخدم لری، – با فاصلهی حدوداً ۱۲ کیلومتر- در خطی مستقیم، سرخدم لکی دیده میشود. ساکنان سوردم لکی همانطور که از اسم منطقه برمیآید به گویش لکی تکلم میکنند.

این دو منطقهی باستانی که اشیای گرانقیمتی از آنها به دست آمده است، بی شباهت به هم نیستند و ارتباطهایی با هم دارند. سالها پیش، اولین کسی که در سرخدم لری حفاری کرد، دکتر اشمیت بود. اشمیت به طور اتفاقی با این محل و کیفیت آن آگاه شد. استاد ایزدپناه در این خصوص مینویسد:«[دکتر اشمیت] هنگامی که برای تحقیق با هیئت خویش به قصد دنبالهی تحقیق قبلی خود از رومشگان وارد کوهدشت میشود، شب مهمان خانهی حاکم آنجا میشود. روستاییان سرخدم چند روز قبل از آن به حسب اتفاق چند مجسمهی برنزی هنگام شخم زدن مییابند و آنها را تسلیم حاکم وقت میکنند و او آنها را به دکتر اشمیت نشان میدهد. اشمیت پس از مشاهدهی اشیا تصمیم میگیرد در سرخدم به حفاری مشغول شود.» (آثار باستانی و تاریخی لرستان ج ا ص ۳۳۸، انتشارات آگاه)

گفتنی است دکتر اشمیت دو بار برای کاوش به طرهان مسافرت کرد. نخستین سفر در شهریور ماه ۱۳۱۴ و دومین سفر در بهار ۱۳۱۷ انجام شد. «بعضی از دانشمندان که اشیای به دست آمده از “سرخدم” را مورد مطالعه قرار دادهاند، برآنند که نیایشگاه سرخدم بهترین گواه برای بیان این است که نفوذ آشوریان در میان هزارهی دوم و اول پیش از میلاد موجب استیلای سبک هنری آشور بر سبک لرستان گردیدهاند.»

به هر روی سرخدم یکی از محوطههای شناسایی تمدن گذشتهی ایران بودهاست. پلاکهای کوچک مفرغی نقشدار و پیکرههای مفرغی، آیینهها، سنجاقها، دسته سنگسابهای مفرغی، سنجاقهای دسته آهنی و بعضاً استخوانی و مهرهای استوانهای شکل از جمله اشیایی هستند که از نیایشگاه سرخدم لری به دست آمدهاند.

در تاریخگذاری آثار معماری، اشیا و قبور، نظر بر این است که قبور به دوران مفرغ میانه تعلق دارند و لایههای مختلف بقایای سکونت از قبل از ۱۲۰۰ ق. م آغاز و تا قرن هفتم ق. م ادامه مییابد. به طور کلی تعداد و محل نگهداری اشیای به دست آمده حاصل از فعالیت باستانشناسانی هیئت هلمز در سرخدم عبارتند از: موزهی ایران باستان ۱۱۳۰ شی. مؤسسهی شرقی شیکاگو ۳۹۱، نیویورک مؤسسهی آمریکایی هنر و باستانشناسی ایران ۳۸۱، احتمالاً موزهی دانشگاه فیلادلفیا ۱۷۴، نامعلوم ۱۴۲، موزهی متروپولتین ۳۳، گمشده ۳، تامیسون ۲، نیویورک مؤسسهی شرقی شیکاگو ۱، جمعاً ۲۲۶۰ اثر. کشف مقادیر بسیاری از اشیای موسوم به «مفرغ لرستان» اشمیت و همکارانش را به این باور سوق داد که این بنا نیایشگاه بودهاست ولی مشغولیت مهمتر اشمیت در کاوشهای تخت جمشید مانع از بازگشت او به سرخدم و ادامهی کاوشها در این بنا شد. با آغاز جنگ جهانی دوم، کاوشهای هیئتهای خارجی در ایران تعطیل شد و گزارش کاوشهای اشمیت سالها پس از مرگ وی در سال ۱۹۸۹ از سوی مؤسسه شرقشناسی دانشگاه شیکاگو منتشر گردید.

طی این دههها کاربری و تاریخ دقیق بنای سرخدم لری و انتساب آن به واحدهای سیاسی-اجتماعی منطقه زاگرس، که در کتیبههای آشوری به آنها اشارههای فراوان شدهاست، باستانشناسان و مورخان نظرات گوناگونی در خصوص آن ارایه کردند.

اکنون هیئتی متشکل از باستانشناسان ایرانی پس از ۷۱ سال به سرخدم لری بازگشتند تا این محوطهی باستانی را تعیین عرصه و حریم کنند. باستان شناسان پس از ۷۰ سال در منطقهی باستانی سرخدم لری کوهدشت در حال حفاری هستند.

به گزارش خبرنگار سیمره، دکتر کامیار عبدی سرپرست هیئت باستان شناسی سرخدم لری در این باره گفت:«هدف از حفاری در منطقهی سرخدم لری این است که محوطهی روستای خوشناموند خیلی گسترش پیدا کرده و به همین منظور محوطه و عرصهی باستانی منطقه را در معرض خطر جدی قرار دادهاست.» استاد باستانشناسی دانشگاه علوم و تحقیقات تهران افزود:« در وهلهی اول میخواهیم حریم و عرصهی محوطهی باستانی را تعیین کنیم که تا کجا ادامه دارد.» دکتر عبدی ادامه داد:« تعیین حریم و عرصهی محوطههای باستانی خیلی مهم و با ارزش است و ضروری میباشد.» وی گفت:« متأسفانه عرصه و حریم خیلی از محوطههای باستانی ایران از جمله لرستان مشخص نیست، بدین روی مردم به راحتی میتوانند روی این محوطهها ساخت و ساز کنند.» سرپرست هیئت حفاری سرخدم لری یکی دیگر از اهداف کاوش و حفاری در این منطقه را مسایل پژوهشی اعلام کرد و افزود:« در سال ۱۹۳۸ یعنی ۷۱ سال پیش یک هیئت آمریکایی به سرپرستی اشمیت ۲۰ روز در این منطقه حفاری کردند که منجر به کشف یک نیایشگاه شد.» وی گفت:« این نیایشگاه معبد آشوری نبوده ولی مردم اطراف این نیایشگاه با آشوریان حشر و نشر داشته و خیلی از باورهای مذهبی آنها را پذیرفته بودهاند.» دکتر عبدی تصریح کرد:«با توجه به اشیایی که از این معبد به دست آمده، حدس میزنند که اینجا نیایشگاه الههای به نام “نینلیل” بودهاست که این نینلیل یک الههی میان رودانی (بینالنهرینی) است.» او ادامه داد:« اما در کنار این نیایشگاه بخشهای مسکونی نیز وجود داشتهاست که ما میخواهیم بیشتر به آنها بپردازیم.» دکتر کامیار عبدی گفت:« آمدن هیئت ما به اینجا کاملاً تصادفی بود اما وقتی فهمیدیم که منطقهی باستانی سرخدم لری در معرض خطر است با مسؤولین میراثفرهنگی لرستان صحبت کردیم، آنها نیز با کاوش و حفاری ما موافقت کردند.» این باستانشناس افزود:« از زمانی که دکتر اشمیت و گروهش در این منطقه کاوش کردهاند تا کنون این دومینباری است که در سرخدم لری حفاری صورت میگیرد بنابراین اطلاعات ما دربارهی جغرافیای تاریخی، قومی لرستان خیلی افزایش پیدا کردهاست و ما میتوانیم با توجه به متون آشوری -که از این محوطه به دست آمده- پی ببریم که این محوطه به کدام قوم از زاگرسنشینان تعلق داشتهاست؟»

او افزود:« پس از این کار، ما به دنبال تاریخگذاری دقیق اینجا هستیم که دکتر اشمیت و گروهش حدود قرن نهم یا هشتم قبل از میلاد را تعیین کردهاند.» دکتر عبدی گفت:«امیدواریم بتوانیم با نمونهبرداری به روش کربن ۱۴ تاریخ دقیق اینجا را مشخص کنیم.» وی با اشاره به کار دکتر اشمیت که بیشتر روی نیایشگاه سرخدم متمرکز بودهاست، گفت:«ما سعی داریم قسمتهای اطراف نیایشگاه را حفاری کنیم تا با آداب، رسوم، زندگی وضعیت اقتصادی و اجتماعی مردمی که در حوالی این نیایشگاه زندگی میکردهاند آشنا شویم.» دکتر عبدی گفت:«احتمالاً این نیایشگاه موقوفات زیادی داشته و جنبهی مقدس نیز داشتهاست زیرا درون دیوارههای آن اشیای مفرغی پنهان کردهاند.»

دکتر کامیار عبدی در پاسخ به پرسش سیمره مبنی بر اینکه چه ارتباطی بین سرخدم لری و لکی وجود دارد، اظهار داشت: «این دو محوطه از نظر قدمت همزمان بودهاند ولی به احتمال زیاد سرخدم لکی حاکمنشین بوده در صورتی که در سرخدم لری همین نیایشگاه وجود داشته که افراد سادهتری در کنار آن زندگی میکردهاند.» او گفت:« اشیای به دست آمده از سرخدم لکی پیشرفته و اشرافی و اعیانی ولی اشیای به دست آمده از معبد سرخدم لری سادهتر میباشند.» وی افزود:« اشیای به دست آمده از سرخدم لری بیشتر جنبهی آیینی دارند اما در سرخدم لکی اشیایی این چنین یافت نشده و اشیای به دست آمده از سرخدم لکی بیشتر کاردبرد روزمره داشتهاند.» “سرخ دم لری” و “سرخ دم لکی” متعلق به یک مرکز حکومتی هستند پژوهشهای باستانشناسی نشان میدهد احتمالاً محوطهی تاریخی سرخدم لری با نیایشگاهی که در آن کشف شده و نیز محوطه سرخدم لکی که نشان از استقرار کوچروهای زاگرس مرکزی دارد، یک مرکز حکومتی را تشکیل میدادهاست.

«آرامان شیشهگر»، باستانشناس پژوهشکده باستانشناسی و سرپرست هیئت کاوش در محوطه باستانی سرخدم لکی در سومین کنگره تاریخ معماری و شهرسازی که ۲۶ فرودین امسال در ارگ تاریخی و نیمه ویران بم آغاز شد در این باره گفت:«تا امروز بسیاری از پژوهشگران غربی سعی کردهاند با ارایه نقشه نقاطی را که الیپیاییها یا کاسیها یا حتی انسانهای پیش از دوره آهن و یا بعد از آن را که در منطقه زاگرس مرکزی میزیستهاند، مرزبندی کنند. ولی من فکر میکنم با توجه به شیوه زیستی قومی قبیلهای و کوچرو که هنوز هم در منطقه وجود دارد نمیتوان تقسیمبندی مرزی برای اینگونه زندگی داشت. این اقوام نه تنها پراکنده هستند بلکه در جایی نیز مرزهای آنها با هم تداخل پیدا میکند.» وی که وضعیت اجتماعی دوره آهن در زاگرس مرکزی و شباهت آن با زندگی امروز را مقایسه میکرد با ارایه نقشهای گفت:«این نقشه نشان میدهد که افراد در تمام نقاط پراکندهاند و تنها اقوام الیپیایی نیستند که در این منطقه سکونت دارند برای همین در این نقشه خط خاصی کشیده نشدهاست و نقاطی را که الیپاییها میتوانستند در آن پراکنده باشند، مشخص میکند. همانطور که کاسیها و مادیها نیز میتوانستند در این نقاط پراکنده باشند.» وی در مورد محوطهی سرخدم لری به عنوان مکانی که در آن نیایشگاه دوره میانی عصر آهن کشف شده است گفت:«چون سرخدم لری محوطهای کوچک است و تنها سازهای نیایشگاهی به همراه چند سازه نه چندان با اهمیت از نظر معماری در آن کشف شدهاست، نمیتواند به تنهایی مرکز حکومتی باشد که آشوریها به آن تاختهاند. بنابراین میتواند به همراه محوطهی سرخدم لکی که فاصلهی آنها تقریباً ۱۶ کیلومتر است مرکز حکومتی باشد.»

وی در ادامه گفت:«در حال حاضر نیز بین کوچروها فاصلهی یک منزل در حدود ۱۵ کیلومتر است که در یک روز میپیمایند. و این فاصله میان محوطهی سرخدم لری و سرخدم لکی نمیتواند خلاف این ادعا باشد.» به گفتهی شیشهگر در این دوره دژ روستاها وجود دارد و روستاهایی که خیلی به هم نزدیک باشند نیز وجود ندارد. بلکه قلعه روستاهایی وجود داشته است که یک مرکز حکومتی آن را اداره میکردهاست و نباید در یک چنین نقطهای به دنبال کاخ یا نوعی زندگی معیشتی ویژه بود بلکه باید در جستوجوی یک زندگی ایلیاتی بود که تا امروز نیز ادامه دارد. پژوهشها نشان میدهد افرادی که در محوطهی سرخدم لکی اقامت داشتهاند خانه یا منزلی ثابت نداشتهاند اما میتوانستند در مسیر کوچشان معبد یا نیایشگاهی ثابت داشتهباشند. شیشهگر با اشاره به مسیرهای کوچی که امروز نیز از آن استفاده میشود گفت:«از این مسیرها میتوان به مسیر کوچ کوهدشت تا خرمآباد و دیگری مسیر کوچ دهدشت تا خرمآباد اشاره کرد. سرخدم لکی در مسیری است که این مردم تا خرمآباد میآمدند و این مسیر نیز هیچگاه تغییر نمیکرده است.»

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: جمعه 18 / 5 ساعت: 11:42

به گزارش نشریه اینترنتی لکستان، مردمان مناطق لک نشین غرب کشور که به لکستان معروف است، در نیمه نخست هزاره اول پیش از میلاد مسیح، پادشاهی کما بیش مستحکمی به نام ال پی تاسیس کردند که شاهک نشینهای متعددی آنرا تشکیل میداد. این پادشاهی در زاگرس به نام الی مایی تا دوره ساسانیان تداوم داشت.


متنهای آشوری دو شهر این پادشاهی به نام مرئوبیشتو و اکودو را ثبت کرده اند که اولی در خرم آباد و دومی در کوهدشت هستند. سرخدم لری نیایشگاه شهر اکودو و سرخدم لکی بناهای کنار نیایشگاه است.

کوه چنگری در ارتفاعات شمالی شهر کوهدشت و در دامنه شمالی آن منطقه باستانی سرخدم لکی قرار دارد. این منطقه به صورت طبیعی تراس بندی شده است و با دخالت آدم به صورت پلکان بزرگی در آمده است که در بین صخره ها محصور است. ابتدای دوره تاریخی این منطقه به عصر آهن جدید میرسد. در کنار این محوطه سرخدم لری قرار دارد که نیایشگاهی از نیمه دوم عصر آهن است. بناهای سرخدم لکی نیایشگاه نبوده و بناهای متعدد گوناگونی در آن دیده میشود.

در سرخدم لکی آثار معماری ، سفال، فلز سنگ و غیره کشف شده است که به عصر آهن جدید تعلق دارد. وجود سفالینه های دوران اسلامی در این محل نشانگر آبادانی آن در این دوره میدهد. در سرخدم لکی اثار معماری سقف دار پیدا نشده است و احتمالا این محل اقامتگاه کوچ نشینان بوده است. معماری این محل را میتوان با معماری تپه باباجان و تپه گیان مقایسه نمود.سفال نخودی رنگ گونه الب سفالهای این منطقه است.تزیینات سفالها ساده هستند. مهر سنگی مکشوفه از این ناحیه قابل قیاس با مهرهای ایلامی است و تصویر فردی نیایشگر و حیوانی بالدار شبیه عقرب بالدار است.

برای دیدن تصاویرآثارباستانی لکستان به آرشیویادگاری های لکستان بروید

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: پنجشنبه 17 / 5 ساعت: 14:10

به نام خدا در ابتدا باید بگم که قوم لک یکی از قدیمی ترین اقوام در ایران است. تمدن قوم لک از تمدن کردها و لرها بیشتر است که این مطلب نشان می دهد قوم لک نه کرد است نه لر و بر گرفته از این دو قوم نیست ولی به دلیل نزدیکی قوم لک به کردها و لرها به مرور زمان زبان لکی دست خوش تحولاتی شده که باعث شده کلمات کردی و لری وارد زبان لکی شود ولی اگر در زبان لکی بنگرید در آن کلمات زیادی خواهید یافت که نه در زبان کردی و نه در لهجه لری وجود دارد. قوم لک یکی از بزرگترین اقوام در ایران......


به نام خدا در ابتدا باید بگم که قوم لک یکی از قدیمی ترین اقوام در ایران است. تمدن قوم لک از تمدن کردها و لرها بیشتر است که این مطلب نشان می دهد قوم لک نه کرد است نه لر و بر گرفته از این دو قوم نیست ولی به دلیل نزدیکی قوم لک به کردها و لرها به مرور زمان زبان لکی دست خوش تحولاتی شده که باعث شده کلمات کردی و لری وارد زبان لکی شود ولی اگر در زبان لکی بنگرید در آن کلمات زیادی خواهید یافت که نه در زبان کردی و نه در لهجه لری وجود دارد. قوم لک یکی از بزرگترین اقوام در ایران است ولی در حال حاضر کوچک جلوه می کند که یکی از دلایل آن جنگهایی است که بین قبایل لک اتفاق می افتد و باعث مهاجرت برخی از روستاها یا طوایف از منطقه خود می شود ولی دلیل اصلی آن که قوم لک کوچک جلوه می کند این است که کریم خان زند یکی از بزرگترین و قدرتمندترین پادشاهان ایران که از اقوام لک بوده و حکومت آن زمان را با کمک و رشادت های طوایف لک (کاکاوند ـ کولیوند ـ بالوند ـجلالوند ـ هوزمانوند ـ ایتیوند ـ گراوند و دیگر طوایف) به اختبار می گیرد. بعد از مرگش لطفعلی خان جانشین وی می شود ولی به دلیل دشمنی و کینه ای که آقا محمد خان قاجار از کریم خان به دل داشت باعث شد که به لطفعلی خان خیانت کرده و او را ناجوانمردانه به قتل برساند و حکومت را در دست گیرد. این امر باعث شد که آقا محمد خان قاجار برای استحکام بیشتر حکومت طوایف بزرگ قوم لک که به کریم خان زند برای بدست آوردن حکومت کمک کردن را به شهرهای دور افتاده تعبید کند که دیگر متحد نشوند و علیه آنان دوباره قیام نکنند. (این مطلب به صورت خلاصه نوشته شده) .


قوم لک قومی است که دارای شهرها و طوایف زیادی می باشد که شهرها عبارتند هرسین ـ نورآباد ـ کوهدشت ـ الشتر ـ صحنه ـ کنگاور ـ نهاوند و بخشی از کرمانشاه و خرم آباد که شهرهای هرسین ـ نورآباد ـ کوهدشت و الشتر کاملا لک هستند ولی دیگر شهرها به صورت مختصر می باشد. اگر در میان مردم قوم لک بروید و در زبان لکی اکثر شهرها بنگرید خواهید دید که زبان لکی به دلیل نزدیکی به کردها و لرها کلمات اندکی از کردی ولری وارد آن شده و این به دلیل معاشرت و نزدیکی با آنها بوده ولی اکثر کلماتی که در زبان لکی است در هیچ زبانی یافت نمی شود که این نشان می دهد لکی کهن تر و تمدنش بیشتر از کردی و لری است. در میان طوایف لک زبان تنها طایفه ای که اصل زبان و فرهنگ اصیل لکی را حفظ نموده طایفه کاکاوند است که آن هم بخاطر دوری از کردها و لرها بوده ولی اگر در بین دیگر طوایف لک بروید خواهید دید که طایفه هایی که به مردم کرد نزدیک هستند کلمات کردی وارد زبانشان شده و طوایفی که به لرها نزدیک هستند کلمات لری وارد زبانشان شده است ولی طایفه کاکاوند به دلیل اینکه در مرکز لکستان قرار دارد که نیمی از آن در استان کرمانشاه و نیمی دیگر در استان لرستان می باشد و این امر باعث شده که طایفه کاکاوند یکی از اصیل ترین طایفه ها در قوم لک باشد. یکی از عواملی که باعث شده مردم ایران شناختی از قوم لک نداشته باشند یا حتی بعضی اصلا این اسم را نشنیده باشند این است که مردم لک با سفر به شهرهای ایران در معرفی خود به جای اینکه بگویند لک هستم می گویند کرد یا لر هستم که این اشتباه است و باعث از بین رفتن تعصب و ناشناخته ماندن لک شده است که خواهش می کنم از تمام مردم لک که برای شناخت و اهمیت بیشتر جامع ایران به قوم لک بیاییم خود را باور کنیم و بجای اینکه بگوییم کرد یا لر هستیم بگوییم لکیم تا به مرور زمان مردم ایران با این قوم شناخت بیشتری داشته باشند. با تشکر ... روح کریم خان زند........


مهمترین عامل افتراق واستقلال این قوم مولفه زبانی است. تحقیقات زیادی در مورد ریشه زبان لکی صورت نگرفته است اما می توان گفت زبان لکی یک زبان زیبا و آهنگین است که واژه های باستانی و کهن به قدر زیادی درآن وجود دارد. و شکل قدیمی و اصیل برخی واژه ها و شیوه ی جمله بندی اصیل در این زبان باعث می شود که ابراز نمود زبان لکی به جا مانده ی زبان های باستانی است.ازاینرو می توان گفت که مهم ترین مآخذ لکی زبان باستانی است که قبل از اسلام در ایران رواج داشت .

x97استرابون مورخ یونانی می نویسد: کاسی ها قبل از ورود آریایی ها در حدود هزاره سوم پیش از میلاد از ارتفاعات قفقاز و آذربایجان به کناره ی دریای مازندران آمدند و نام خود را بر این دریا دادند و نام آن را دریای کاسپین یا کاشی نامیدند. و این دریا در اصطلاح اروپایی به نام دریای کاسپین شهرت یافت. در زمان مهاجرت در شهر های کاشان سکونت نمودند. و نخستین بار همدان را ساختند و آن را آکسیان نام نهادند.
x97این اقوام به موازات ایلامیها بر بخش هایی از لرستان تسلط داشته اند. قومی بوده اند که چیره دستی فوق العاده ای در ساختن مصنوعات مفرغی داشته اند.
x97آنان سوارکارانی دلیر و جنگجو یان ماهر بودند. که بارها با همسایگان خود از حمله ایلامی ها و بابلی ها در افتادند. که در نتیجه پادشاه آنان به نام گانداش به پادشاهی دولت بابل نشست و دولت بابل را سرنگون ساخت و مدت شش قرن بر آن سرزمین حکم رانی نمودند.و در آخر توسط ایلامی ها شکست خوردند و به سرزمین خود یعنی لرستان فعلی بازگشتند.
x97خدای قوم کاسی(رشنو) نام داشت،که در زبان آنها به معنی عدالت بود. که امروزه طایفه ای به این نام در جنوب غربی استان لرستان یعنی شهر رومشکان ساکن هستند.
x97لک های امروزی بازمانده ی قوم کاسی هستند که سکونت گاه امروزی قوم لک (لکستان) شامل جنوب ، غرب ، شمال، شمال شرقی، لرستان ـــ جنوب و غرب همدان ــــ شرق استان کرمانشاه و شرق استان ایلام می باشد.که بخش های دیگر از طوایف لک در کردستان عراق، کرکوک و خانقین سکونتدارند. مادها پس از ورود به زاگرس اقوام بومی آنجا یعنی کاسیها، الیپیها، لولوبیان و عیلامیها و دیگر اقوام آسیانی را در خود حل کردند و زبان ایرانی خود را در منطقه رواج کامل دادند. x97هر چند هر فرهنگ در یک زمانی رشد نهایی خود را می کند و در آخر رو زوال می رود که فرهنگ لکستان( کاسی) از این قاعده پیروی کرده است.

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: پنجشنبه 17 / 5 ساعت: 13:28


بهداشت و درمان

شهرستان صحنه از لحاظ امكانات بهداشتي و درماني داراي يك بيمارستان با 25 تخت مي باشد كه جهت بهبود وضعيت درماني ، بيمارستان جديدي با اعتبار یک میلیارد و هفتصد میلیون تومان از محل اعتبارات بانك جهاني در دست احداث و حدود 40 درصد هم پيشرفت فيزيكي داشته است.

شهرستان از وجود 50 خانه بهداشت روستايي ، 2 مركز بهداشت شهري ، 5 مركز بهداشت روستايي ، يك اورژانس و يك بيمارستان بهره مند مي باشد .

نسبت برخورداري جمعيت به پزشك در سال 1375 به ازاي هر هزار نفر 28/0 درصد بوده كه اين نسبت در سالهاي اخير به حدود 30/0 رسيده است .

سرانه تخت بيمارستاني به ازاي هر هزار نفر در سال 1384 معادل 28/0 تخت بوده كه با راه اندازي بيمارستان جديد ، پيش بيني ميشود كه سرانه تخت بيمارستاني از افزايش چشمگيري برخوردار گردد.

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: دوشنبه 14 / 5 ساعت: 18:8

فرهنگ و هنر

بمنظور اجراي برنامه هاي هنري شهرستان داراي 5 سالن آمفي تئاتر و 5 واحد كتابخانه عمومي ( 2 شهري و 3 روستايي ) با حدود 33000 جلد كتاب مي باشد .

از لحاظ فرهنگ كتاب خواني حدود 60 درصد افراد با مدرك تحصيلي ديپلم و زير ديپلم ، 20 درصد فوق ديپلم ، 19 درصد ليسانس و يك درصد مقاطع بالاتر از كتابخانه استفاده مي نمايند .

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: دوشنبه 14 / 5 ساعت: 18:7

تربیت بدنی

اين شهرستان از وجود 6 سالن ورزشي سرپوشيده،5 زمين خاكي فوتبال،یک ورزشگاه و 2 استخر شنا بهره مند است در حالي كه شهرستان قبل از انقلاب فاقد امكانات فوق بوده است .

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: دوشنبه 14 / 5 ساعت: 18:7

آموزش عالی

شهرستان داراي 2 دانشگاه ( پيام نور و آزاد ) مي باشد كه در دانشگاههاي فوق مجموعاً تعداد 1110دانشجو در رشته هاي مختلف نظير الهيات ، حقوق ، رياضي ، حسابداري و ... مشغول به تحصيل مي باشند.

( تعداد دانشجوهاي دانشگاه آزاد 810 نفر و پيام نور 300 نفر مي باشد )

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: دوشنبه 14 / 5 ساعت: 18:6


آموزش وپرورش

در سال تحصيلي 89/88 تعداد كل دانش آموزان مقاطع مختلف تحصيلي شهرستان 14847 نفر مي باشد. از كل دانش آموزان اين شهرستان تعداد 5585 نفر در مقطع ابتدايي ، 3924 نفر در مقطع راهنمايي و 5338 نفر در مقطع متوسطه مشغول به تحصيل هستند.

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: دوشنبه 14 / 5 ساعت: 18:5

نرخ باسوادی

ميزان باسوادي شهرستان صحنه در سال 1375 برابر 8/71 درصد بوده كه در سالجاري به بيش از 85 درصد افزايش يافته است .

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: دوشنبه 14 / 5 ساعت: 18:5

معبد آناهیتا

بناي معروف به معبد آناهيتا در مركز شهر كنگاور بر سر راه همدان به كرمانشاه واقع شده است .اين بنا بر روي تپه طبيعي با حداكثر ارتفاع 32 متر نسبت به سطح زمين هاي اطراف ساخته شده است . نقشه بناي كنگاور چهار ضلعي و به ابعاد 209*224 متر مي باشد كه هر ضلع آن به شكل صفه اي به قطر 18 متر است . اين صفه ها با لاشه سنگ و ملاط گچ ساخته شده اند كه نماي بيروني آن ها به وسيله سنگ هاي بزرگ تراشيده شده اي به صورت خشكه چين پوشش داده شده و گاهي براي اتصال برخي از بلوك ها ، از بست هاي آهني و سربي استفاده كرده اند . در قسمت جنوبي بنا ، پلكان دو طرفه اي به درازاي 154 متر وجود دارد كه هر دوتا پنج پله در يك بلوك سنگي ايجاد شده است . در وضع موجود تعداد سنگ پله ها در پلكان شرقي 26 پله و د رپلكان غربي 21 پله مي باشد ولي با توجه به ارتفاع ديوار كه 20/8 متر از آن باقي مانده به طور يقين تعداد پله ها بيشتر از اين بوده است . در بخش شمال شرقي بنا نيز دو رديف موازي سنگ هاي تراشيده بكار رفته كه بر وجود ورودي به عرض 2 متر در اين بخش از بنا دلالت دارد . در مركز بنا ، صفه اي با جهت شرقي ، غربي ساخته شده كه 93 متر درازا و 30/9 متر پهنا و بين 3 تا 5 متر ارتفاع دارد . اين صفه با لاشه سنگ هاي بزرگ كه حداقل يكي از سطوح آن صاف بوده ساخته شده است و نماي آن با ملاط گچ پوشيده شده كه جز در برخي از سطوح پائين ديوار نشاني از آن نمانده است .بر روي صفه هاي چهارگانه اين بنا به جز فاصله بين دو رشته پلكان جنوبي ، يك رديف ستون قرار گرفته است . اين ستون ها كوتاه و قطورند . بلندي هر ستون كه شامل پايه ، ساقه و سرستون مي باشند 54/3 متر و قطر هر يك از ساقه ستون ها كه استوانه اي شكل مي باشند 144 سانتي متر است .در مورد كاركرد اين بنا در ميان محققين اختلاف نظرهايي وجود دارد . بطوريكه عده اي از نويسندگان اين بنا را معبدي براي الهه آناهيتا دانسته اند . آناهيتا ايزد بانوي ، آب هاي روان ، زيبايي ، فراواني و بركت در دوران پيش از اسلام بوده است .ولي برخي ديگر از محققين به تبعيت از نوشته هاي مورخين ايراني و عرب سده سوم هجري به بعد كاركرد اين بنا را كاخي ناتمام براي خسروپرويز معرفي كرده اند . از نظر زمان ساخت نيز عده اي اين بنا را به اواخر سده سوم و آغاز سده دوم پپيش از ميلاد نسبت داده اند ، عده ديگر آن را به سده يكم پيش از ميلاد و سيف الله كامبخش فرد كاوشگر بنا ، آن را به سه دوره هخامنشي ، اشكاني و ساساني نسبت مي دهد ولي مسعود آذرنوش كاوشگر ديگر بنا آن را كاخ ناتمامي
ازخسروپرويز در اواخر دوره ساساني مي داند.




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برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: دوشنبه 14 / 5 ساعت: 10:39

ابشار صحنه

دربند صحنه

دربند صحنه در قسمت شمالی شهر صحنه قرار دارد که یکی از مناطق خوش آب و هوا این شهر به لحاظ توسعه گردشگری و پتانسیل خوب توریست می باشد . نظر به وجود آبشارهای زیبا ، خروشان و همچنین ایجاد مراکز اقامتی و رفاهی در این محوطه مسافران و گردشگران زیادی از شهرهای حومه و سایر استان ها به این مکان مراجعه می نمایند .

دربند صحنه دره ای بسیار زیبا با انواع درخت های وحشی و باغ میوه وجود دارد که در تاریخ باستان ایران احتمالاً زیستگاه و تفرجگاه بسیاری از شاهان دوره های مختلف بوده است . در سرچشمه های اصلی این دره در زمان های نه چندان دور آبشار کوچک دیگری وجود داشته است که در حال حاضر به نام آبشار خُشکه معروف است . پایین تر از این آبشار خشک شده سرچشمه های آب دربند به نام چهارچشمه ( چوار کینی ) وجود دارد که قسمت شمالی دربند است و خود به تنهایی از مکان های زیبا و دیدنی دربند است نیمی از همین آب جهت استفاده مردم شهر که در قسمت شمالی شهر صحنه اسکان دارند مورد استفاده قرار می گیرد ، آب های چهار چشمه بعد از طی 500 متر به بلندی پشت آبشار اصلی رسیده و در آنجا آبشاری بسیار زیبا و دیدنی را به وجود آورده و سپس در مسیر خود بسیاری از درختان خودرو از قبیل گردو و انجیر ف گلابی و سُماق و سنجد را آبیاری نموده و مناظری بسیار زیبا و دلنشین را به وجود آورده است که در حال حاضر با امکاناتی که در آن بوجود آورده اند در فصل گرما پذیرای مهمان از استان و کشور می باشد .

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: يکشنبه 13 / 5 ساعت: 18:42

فرزند و شاگرد مرحوم سید لطف الله شاه ابراهیم بوده و معروفترین نوازنده تنبور در منطقه صحنه است و مقامات تنبور را با استادی کامل و با سبک مخصوص به خود می نواخته است. ایشان علاوه بر نوازندگی تنبور، تار و سه تار را با استادی می نواخته. در نواختن این سازها، شاگرد سید احمد اعتضادی بوده اند که ایشان نیز از شاگردان برجسته مرحوم غلامحسین درویش (درویش خان) بوده است. استاد شاه ابراهیمی در دهه پنجاه به تشویق وزارت فرهنگ و هنر وقت، کلاس رسمی آموزش تنبور را در شهر صحنه شروع کرد. از میان شاگردانش، عده ای را انتخاب و اولین گروه تنبور را در صحنه تشکیل داد و برای معرفی هر چه بیشتر این ساز کهن در جشنواره های موسیقی کردی در تالار رودکی و جشن فرهنگ و مردم در شهر اصفهان و برنامه موسیقی عرفانی در تالار چهل ستون اصفهان، به اجرای برنامه اقدام کرد. ایشان شاگردان زیادی را تربیت نمود. از جمله سید خلیل عالی نژاد، سید قاسم حقیقت نژاد، سید یحیی رعنایی، سید فرامرز رعنایی، معصوم شربتی، سید حبیب شاه ابراهیمی، نادر نیکرو، ارسلان نیکرو، سید فرخ حقیقی. استاد شاه ابراهیمی در سال 1302 شمسی در شهرستان صحنه کرمانشاه متولد شد و در سال 1380 دار فانی را وداع گفت

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: يکشنبه 13 / 5 ساعت: 18:41

سيد قلي كشاورز, علي كرمي نژاد معروف به حاجي طوسي, بهرام بيگ ولد بيگي, سيد علي عسكر كردستاني, نجات, بساط عثمانوند, ابراهيم حسيني, ايل خان اركوازي, اولعزيز, ياسمي, كريم صادقي و عبد الصمد عبدي پور هوره خوانان معروف استان هاي ايلام, كرمانشاه و كردستان هستند اما پس از مرحوم علي نظر, سيد قلي كشاورز سرآمد همه هنرمندان اين گونه موسيقي است.

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: يکشنبه 13 / 5 ساعت: 18:40

سید خلیل عالی نژاد در سال ۱۳۳۶ و در کرمانشاه متولد شد. پدرش سید شاهمراد عالی نژاد، نوازنده تنبور بود.

سید خلیل مشق تنبور را با سید نادر طاهری آغاز کرد و پس از
۲ سال نزد سید امرالّه شاه ابراهیمی رفت. همچنین از درویش امیر حیاتی نیز بهره برد و بعدها به محضر استاد عابدین خادمی راه یافت؛ در این دوره و به صورت همزمان سرپرستی گروه تنبورنوازان صحنه را نیز بر عهده گرفت. وی در سال ۱۳۷۵ (صفحه اول کناب تنبور از دیرباز تا کنون) در رشته موسیقی از دانشگاه هنر فارغ التحصیل شد..........


سید خلیل عالی نژاد در سال ۱۳۳۶ و در کرمانشاه متولد شد. پدرش سید شاهمراد عالی نژاد، نوازنده تنبور بود.

سید خلیل مشق تنبور را با سید نادر طاهری آغاز کرد و پس از
۲ سال نزد سید امرالّه شاه ابراهیمی رفت. همچنین از درویش امیر حیاتی نیز بهره برد و بعدها به محضر استاد عابدین خادمی راه یافت؛ در این دوره و به صورت همزمان سرپرستی گروه تنبورنوازان صحنه را نیز بر عهده گرفت. وی در سال ۱۳۷۵ (صفحه اول کناب تنبور از دیرباز تا کنون) در رشته موسیقی از دانشگاه هنر فارغ التحصیل شد.

او بر ردیفموسیقی دستگاهی ایران تسلطی کافی داشت. سید خلیل آواز را از مکتب میرزا حسین خادمی آموخته بود و از نادر نادری دف آموخت و تار را از کیخسرو پور ناظری، نواختن تارش به شیوه نوازندگی مکتب برومند نزدیک بود و پرده گیریها و مضراب شمرده و جمله بندیهایش در سه تار، شیوهی نوازندگی یوسف فروتن را به یاد میآورد. سید خلیل همچنین علاوه بر نوازندگی تنبور به ساخت تنبور و سهتار نیز پرداختهاست و ساختههای او با مهر شیدا محصول کارگاه مشترک به همراه عبدالرضا رهنما و بعد از سال
۱۳۷۰ در کارگاه شخصیش با مهر قلندر موجود است.

در اوایل دهه
۶۰ گروه تنبور شمس به سرپرستی کیخسرو پورناظری تشکیل شد و عالی نژاد به جمع این گروه پیوست. حاصل همکاری با گروه تنبور شمس، تکنوازی و جواب آواز ماندگار سید خلیل در کاست صدای سخن عشق بود که با صدای شهرام ناظری انتشار یافت.

در اواسط دهه
۷۰ سید خلیل خود گروه بابا طاهر را تشکیل داد و اعضای گروه باباطاهر در اجلاس هنرهای دینی (۱۳۷۵ تهران) برنامهای اجرا کردند که ویدیو آن به نام زمزمه قلندری به نفع خیریه کهریزک دراختیار علاقمندان قرار گرفت. در سال ۱۳۷۱ سیدخلیل به وصیت احمد عبادی برای شرکت در مراسم خاکسپاری او به تهران رفت و دیگر هیچ گاه به دیار خود بازنگشت.

او علاوه بر خوانندگی و تنبور نوازی سه تار هم مینواخت و دستی چیره بر آن داشت. سال
۱۳۷۶ که به جشنواره موسیقی حماسی آمد و زیر بغل استاد و پیر مرادش درویش امیرحیاتی را گرفت و او را به صحنه تالار اندیشه آورد تا هنرش را عرضه بدارد. خودش نیز در بخشی از برنامه مقامهای سوار سوار، سماع رقم چهارم، جلوشاهی و خان امیری را اجرا کرد و زیبایی کارش در آن بود که ماهور ایلامی و عالی مکان را برای اولین بار عرضه نمود که مورد تشویق تماشاگران قرار گرفت.

عالی نژاد پس از چند سال ماندگاری در تهران در سال
۱۳۷۹ برای شش ماه به سوئد رفت و برای یک سال نیز اقامتش را تمدید کرد. و عاقبت تنها چند هفته پیش از برگشتن به ایران در ۲۷ آبان ۱۳۸۰ در شهر گوتنبرگ سوئد، به دست افراد ناشناس به قتل رسید و خانه و جسم بی جانش به آتش کشیده شد.

سید خلیل

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: يکشنبه 13 / 5 ساعت: 18:39


تلفن

*تعداد تلفن هاي منصوبه 18023

*تعداد تلفن هاي سيار 6886

*روستاهاي داراي تلفن خانگي 80

*تعداد دفاتر مخابراتي 66

*تعداد تلفن هاي مشغول بكار 15815 « مسكوني 13442 تجاري 1740- دولتي 633 »

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: يکشنبه 13 / 5 ساعت: 18:11


راه و ترابری

*طول آزاد راه 65 كيلومتر

*طول آسفالت بين شهري 4/284 كيلومتر

*طول راههاي آسفالت روستايي 5/161 كيلومتر

*طول راههاي شوسه 15/193 كيلومتر

*طول جاده هاي خاكي و مالرو 85/154 كيلومتر

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: يکشنبه 13 / 5 ساعت: 18:11


عمران روستایی

جمعيت روستايي شهرستان صحنه 41421نفر مي باشد كه 2/54 درصد از جمعيت شهرستان را بخود اختصاص داده است. تمامي روستاهاي بالاي 20 خانوار اين شهرستان 100در صد برخوردار از برق و حدود 86 درصد از كل روستاها هم برخوردار از آب آشاميدني سالم مي باشند.

همچنين تعداد 90 روستا مورد بهسازي طرح هادي روستايي قرار گرفته و معابر بيش از 30 روستا هم آسفالت گرديده است .

*تعداد روستاهاي داراي آب آشاميدني سالم 132 روستا

* تعداد روستاهاي داراي برق 178 روستا

* تعداد روستاهاي داراي گاز 25 روستا

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: يکشنبه 13 / 5 ساعت: 18:11


امورات زیربنایی

بر اساس سرشماري سال 1385 جمعيت شهرستان 76414 نفر برآورده شده ، ميزان شهرنشيني در اين شهرستان 8/45 درصد محاسبه شده ، سرانه فضاي سبز شهرستان حدود 10 متر مربع مي باشد ، تعداد مشتركين آب 8610 و مصرف سرانه آب نيز در روز حدوداً 8750 متر مكعب مي باشد.

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: يکشنبه 13 / 5 ساعت: 18:10


وضعیت کشاورزی

شهرستان صحنه بواسطه وجود منابع طبيعي و امكانات بالقوه خدادادي ، منطقه اي غني و داراي قابليت هاي فراوان و شايسته توسعه مي باشد ، خاك حاصلخيز ، مراتع و دامنه هاي مستعد و وجود رودخانه ها ومنابع آب فراوان همگي شرايط را جهت توسعه فعاليت هاي كشاورزي و دامپروري فراهم ، بطوريكه كشاورزي در آن رتبه ممتازي دارد.

در تولید گندم شهرستان صحنه علیرغم دارا بودن کمتر از 3 درصد سطح زیر کشت آبی و دیم استان بیش از 5/7 درصد تولید گندم را بخود اختصاص داده که سالیانه در شرایط نرمال بیش از 70 هزار تن گندم در شهرستان تولید می گردد که با برنامه ریزی بعمل آمده ، برنامه تولید یکصد هزار تنی گندم برای شهرستان در سال زراعی 89/88 در دست اجراء می باشد.

*سطح اراضي زير كشت اراضي و محصولات باغي 45700 هكتار

*سطح اراضي زير كشت آبي 15800 هكتار

* سطح اراضي زير كشت ديم 21350 هكتار

*سطح محصولات باغي ( آبی 8050 دیم 500 هكتار)

*ميزان توليد محصولات باغي 000/70 تن در سال

*ميزان توليد محصولات زراعي ( ساليانه) 000/200 تن

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: يکشنبه 13 / 5 ساعت: 18:4


پیشینه فرهنگی

پيشينه فرهنگي شهرستان به قدمت تاريخ است ، شهرستان صحنه مخصوصاً منطقه دينور از دير باز سرزمين شكوفا شدن تمدنهاي درخشاني بوده كه در عصر خود بسيار پيشرفته بوده اند . پلهاي تاريخي ، دخمه هاي دربند ، بقاع متبركه فراوان از اماكن و آثار تاريخي مهم منطقه است و واقع شدن شهرستان در مابين دو اثر تاريخي ارزشمند معبد آناهيتا و كتيبه بيستون شهرستان را به قطب گردشگري مبدل ساخته است .

صحنه مخصوصاً بخش دینور ديار علماء ، ادبا و شعراي نامي و بزرگي همچون ابن قتيبه دينوري ، ابوحنيفه دينوري ، ملاپريشان دينوري و ... بوده و در دوران دفاع مقدس هم همچون ساير نقاط ميهن عزيز اسلامي شهداي گران سنگي تقديم انقلاب اسلامي نموده است.

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: يکشنبه 13 / 5 ساعت: 18:4

زبان و مذهب

مردم شهرستان صحنه به زبان كردي تكلم مي نمايند و لهجه هاي كرمانشاهي و لكي در آن رايج است ، در اين شهرستان حدود 73 درصد جمعيت را شيعيان و 27 درصد را فرقه اهل حق تشكيل ميدهند .

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: يکشنبه 13 / 5 ساعت: 18:3

اماکن تاریخی ،

جاذبه های گردشگری، زیارتی و ...

صحنه داراي طبيعتي زيبا و دلپذير و مراتع غني و سرسبز ، آبشارهاي بي نظير (دربند و گروس) ، پلهاي تاريخي و بزرگ و بقاع متبركه فراوان و داراي پيشينه تاريخي ، فرهنگي چند هزار ساله مي باشد، وجود ابينه باستاني وآثار تاريخي گواه و مويد اين مطلب است كه تمدنهاي درخشاني در روزگار باستان در اين خطه وجود داشته است.

اماكن تاريخي :

دخمه در بند صحنه ، پل ميانراهان ، امامزاده محمود دينور، امامزاده خلیل ا... ، امامزاده کاظم

جاذبه هاي گردشگري و اماكن سياحتي ، زيارتي :

آبشار صحنه ، سراب دربند ، سراب گروس ، دخمه در بند صحنه ، پل ميانراهان ، امامزاده محمود دينور،


برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: يکشنبه 13 / 5 ساعت: 18:3

تقسیمات کشوری

بر اساس آخرين تقسيمات كشوري اين شهرستان داراي 2 بخش2 مركز شهري، ۶ دهستان و 191 روستاي فعال و داراي سكنه است .

بخشها شامل : بخش مركزي و بخش دينور

مراكز شهري شامل : صحنه و ميانراهان

دهستانها شامل : دهستان مركزي صحنه ، هجر ، خدابنده لو ، دينور،كندوله ، حر

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: يکشنبه 13 / 5 ساعت: 18:2

جمعیت شهرستان

اين شهرستان بر اساس سرشماري سال 85 داراي 76414 نفر جمعيت بوده كه از اين ميزان تعداد 34993 نفر در شهر و 41421 نفر در سطح روستاها ساكن مي باشند ، بر پايه آمارگيري فوق از ميزان جمعيت شهرستان تعداد 38226 نفر را مردان و 38188 نفر را زنان تشكيل ميدهند . ضمناً تعداد خانوار شهري 9005 و روستايي 10121 مي باشد .


برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: يکشنبه 13 / 5 ساعت: 18:2

پیشینه تاریخی صحنه

شهرستان صحنه در سال 1373 از بخش به شهرستان ارتقاء يافته ، محدوده شهرستان نيز از نواحي قديمي و تاريخي استان كرمانشاه است و آثار و بقاياي ادوار گذشته بشرح ذيل درآن بجا مانده است .

دخمه دربند صحنه ، پل ميانراهان ، سراب بيد سرخ ، سراب سيري جان و وجود بقاء متبركه امامزاده محمود امامزاده خليل ا... ، امامزاده سيد كاظم و ... از آثار و اماكن مقدسه شهرستان مي باشند و آبشار صحنه و مركز تفريحي دربند از جاذبه هاي گردشگري شهرستان محسوب ميشود .

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: يکشنبه 13 / 5 ساعت: 18:1

موقعیت جغرافیایی

شهرستان صحنه با وسعت 1612كيلومتر مربع 2/6 درصد مساحت استان را بخود اختصاص داده است .

اين شهرستان در شرق استان قرار گرفته ، از شمال به شهرستان سنقر و كليايي ، از جنوب به شهرستان هرسين و استان لرستان ، از شرق به شهرستان كنگاور و از غرب به شهرستانهاي كامياران وكرمانشاه محدود شده است .

برچسب: نویسنده: عبدالرضا محمدی تاريخ: يکشنبه 13 / 5 ساعت: 18:1

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